January 31, 2023

Body Current Problem: सर्दियों में किसी को छूने या हाथ मिलाने से लगता है करंट, जानिए इस स्पार्क के पीछे की वजह

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Body Current Problem: आपने सर्दियों के मौसम में किसी भी चीज या इंसान को छूने पर करंट महसूस किया होगा। ऐसे में आपके मन में ये सवाल आता है कि आखिर आपको ये करंट लग क्यों रहा है? दरअसल मौसम के बदलने पर कई बार ऐसा होता है कि जब आप किसी चीज को छूते हैं तो पहली बार में स्‍पार्क होने जैसी आवाज आती है और करंट लगता है। वैसे तो ये किसी भी चीज को छूने से महसूस हो सकता है, लेकिन ज्यादातर ये अनुभूति दरवाजे और कपड़ों को छूने से आती है। इसके पीछे एक साइंटिफिक कारण भी होता है। आइये जानते हैं कौन से हैं ये कारण:-
करंट और स्पार्क महसूस होने के पीछे की वजह क्या है?
मौसम में बदलाव के साथ खासतौर पर सर्दी की शुरुआत और इसके खत्‍म होने पर हमें करंट लगने जैसी अनुभूति होती है। विज्ञान की मानें तो इस स्पार्क और करंट के पीछे की वजह इलेक्‍ट्रॉन और मौसम में नमी की मात्रा का घटना और बढ़ना है। यही दोनों फैक्‍टर तय करते हैं कि इंसान को करंट लगेगा या नहीं। दरअसल, मौसम में ठंडक बढ़ने पर हवा में नमी खत्‍म हो जाती है, जिस वजह से इंसान की स्किन पर इलेक्‍ट्रॉन बनने लगते हैं। इलेक्‍ट्रॉन और प्रोटॉन दो तरह के चार्ज वाले होते हैं, पॉजिटिव चार्ज वाले प्रोटॉन और नेगेटिव चार्ज वाले इलेक्ट्रान। अगर एक इंसान के हाथ में नेगेटिव चार्ज वाला इलेक्‍ट्रॉन बना है और दूसरे के हाथ में पॉजिटिव चार्ज वाला प्रोटॉन बना है, तो दोनों के आपसे में हाथ मिलाने या एक-दूसरे को छूने पर करंट लगेगा और आवाज आएगी।
गर्मी में क्यों नहीं लगता करंट?
बता दें कि गर्मी के मौसम में ऐसा नहीं होता क्‍योंकि इस मौसम में हवा के अंदर नमीं ज्‍यादा रहती है। इसलिए इलेक्‍ट्रॉन स्किन पर आसानी से विकसित नहीं होते और इंसान को करंट नहीं लगता। अब सवाल यह भी उठता है कि करंट लगने से हमें अजीब सा क्यों लगता है? इसका जवाब है कि पूरे शरीर का तंत्रिका तंत्र (Nervous System) बिजली की हल्की पल्स पर काम करता है। जब हमें बाहर से इलेक्ट्रिक चार्ज मिलता है, तो हमारा तंत्रिका तंत्र डिस्टर्ब हो जाता है और हमें झटका या अजीब सा महसूस होता है।
इलेक्ट्रिक करंट लगने से कई बार क्यों हो जाती है मौत?
आमतौर पर अगर किसी इंसान को इलेक्ट्रिक करंट लगता है तो उसकी मौत तब होती है, जब इंसान का दिल सही तरह से काम नहीं कर पाता है। कई बार करंट की वजह से हार्ट न तो खून पंप करता है न ही वहां खून रुकता है, इसे एट्रियल और वेंट्रिकुलर फेब्रिलेशन कहते हैं। इस स्थिति में मौत होने के साथ ही कई बार पेशेंट कोमा में भी चला जाता है। बाद में सांस बंद हो जाती है। इसे कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट भी कहा जाता है।
करंट के तेज झटके से हो सकती हैं कई गंभीर समस्याएं
– गंभीर रूप से शरीर जलना
– शरीर के अंगों का गलना
– सांस लेने में तकलीफ
– कार्डियक अरेस्ट
– हार्ट अटैक
– दिमागी दौरा पड़ना
– बेहोश होना
– लकवा मारना
– डिहाइड्रेशन
– खून का थक्का बनना
– मांसपेशियों में दर्द और संकुचन
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