December 5, 2022

Mohammed Shami द्वारा दशहरा मनाने पर बौखलाए कट्टरपंथी, फतवा जारी करने की दी धमकी

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Mohammad Shami Threatened: देशभर में दशहरा (Dussehra) धूमधाम से मनाया गया। हजारों स्थानों पर रावण दहन किया गया और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया गया। लेकिन इसी बीच टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) के साथ कुछ ऐसा हो गया। जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं। इस ट्वीट के जरिए उन्होंने बधाई संदेश दिया, लेकिन उनका यह ट्वीट कुछ कट्टरपंथियों (fundamentalists) को बहुत परेशान करने वाला था।
On the happy occasion of Dussehra, I pray that Lord Ram fills your life with lots of happiness, prosperity, and success. Happy Dussehra to you and your family. #mdshami11 #Dussehra pic.twitter.com/wsFk7M1Gj5
यूजर्स ने शमी की इस पोस्ट को धर्म से जोड़ते हुए बहुत ही (Shami to religion) गलत कमेंट किए। कुछ ने तो कहा कि शमी को अब नाम बदल लेना चाहिए। कुछ ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे दी। शमी की इस पोस्ट को 30 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। अच्छी बात ये हैं कि लोग उन्हें सपोर्ट भी कर रहे हैं। सभी ने शमी का साथ दिया है। कुछ यूजर्स ने उनके खिलाफ फतवा (fatwa) जारी करने का आदेश भी दिया।

बांग्लादेश के क्रिकेटरों को पहले ही मिल चुकी है धमकी
दशहरा और दुर्गा पूजा पर क्रिकेटरों को धमकी देने का यह पहला मामला (Dussehra and Durga Puja) नहीं है। इससे पहले बांग्लादेश के दो क्रिकेटरों को ऐसी ही धमकियां मिल चुकी हैं। साल 2020 में बांग्लादेश के स्टार क्रिकेटर शाकिब अल हसन को चरमपंथियों ने धमकी दी थी। बांग्लादेश के इस खिलाड़ी ने कोलकाता में काली पूजा में हिस्सा लिया था। जिसके बाद सिलहट के एक शख्स ने वीडियो बनाकर शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) को जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी के बाद शाकिब ने माफी भी मांगी थी।
शाकिब के बाद बांग्लादेश के एक और क्रिकेटर लिटन दास (Bangladesh cricketer Liton Das) को भी इसी तरह की धमकियां मिलीं। 2020 में, लिटन दास को फेसबुक पर दुर्गा पूजा की बधाई देने के बाद धमकी दी गई थी। आपको बता दें कि हाल ही में लिटन दास को नवरात्रि पोस्ट (posting Navratri) करने पर फिर से धमकी दी गई है।
धर्म परिवर्तन का था दबाव
दरअसल, लिटन दास ने 25 सितंबर को महालय के मौके पर फेसबुक पर अपने फैंस के साथ शुभकामनाएं साझा कीं। महालय को बांग्लादेश में दुर्गा पूजा की शुरुआत माना जाता है। लिटन दास ने जैसे ही फेसबुक पर दुर्गा पूजा की (Durga Puja) बधाई दी, उन्हें कट्टरपंथियों ने धमकी दी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। कट्टरपंथियों ने मूर्तिपूजा की निंदा की और हिंदू देवता को “मिट्टी से बना” कहकर उनका मज़ाक उड़ाया। यहां तक ​​कि कट्टरपंथियों को भी जो धार्मिक वर्चस्व की नकली दुनिया में जी रहे थे, उम्मीद थी कि लिटन दास (Litten Das) तथाकथित ‘एक सच्चे विश्वास’ के अर्थ में इस्लाम को अपना लेंगे।
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