August 14, 2022

Knowledge News : जानें दिल्ली मेट्रो से जुड़ी ऐसी रोचक बातें जो आपने पहले कभी नहीं सुनी होंगी

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आजकल एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बहुत से आरामदायक साधन आ गए हैं, उन्हीं में से एक है मेट्रो (Metro)। ऐसे तो देश में कई मेट्रो सेवा उपलब्ध है लेकिन जो सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहती है वो है दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro)। देश का दिल कहे जाने वाले दिल्ली की खास चीजों में एक मेट्रो भी शामिल है। हर रोज यहां मेट्रो से लाखों लोग सफर करते हैं। आपमें से भी बहुत से लोगों ने कभी न कभी तो दिल्ली मेट्रो की सवारी जरुर की होगी। लेकिन क्या आप दिल्ली मेट्रो के इतिहास और इससे जुडी रोचक (Delhi Metro Facts) बातों के बारे में जानते है। अगर नहीं, तो कोई बात नहीं क्योंकि आज हम आपको अपनी इस खबर में दिल्ली मेट्रो के बारे में कई बातें बताएंगे। जिनके बारे में शायद आपको भी नहीं मालूम होगा।
मेट्रो का इतिहास
अगर देश में सबसे पहली मेट्रो की बात की जाए तो वो कोलकाता में हुई थी। यह रेल सर्विस 24 अक्टूबर 1984 में पहली बार शुरु की गई थी। भारत में बनी इस पहली मेट्रो का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया गया था। वहीं अगर दिल्ली की बात करें तो यहां पर मेट्रो यानि DMRC की स्थापना 3 मई 1995 में की गई थी। इसकी शुरुआत भारत सरकार और दिल्ली सरकार (Delhi Government) दोनो ने मिलकर की थी। आपको बता दें, कि ई श्रीधरन को इस कंपनी का चेयरमैन भी नियुक्त किया गया है, जिन्हें लोग मेट्रो मैन के नाम से भी जानते हैं। साल 1998 से मेट्रो के लिए काम शुरू कर दिया गया था। लेकिन करीब 4 साल बाद 24 दिसंबर 2002 में पहली मेट्रो को चलाया गया। आपको बता दें, कि यह मेट्रो सेवा करीब 8.4 किलोमीटर लंबे शाहदरा से तीस हजारी कॉरिडोर रूट पर चलाई गई थी। बाद में समय के साथ मेट्रो में तरह-तरह के तकनीकी बदलाव करके, मेट्रो सेवा को और भी बेहतर बनाया गया। यही कारण है कि इतने सालों बाद आज भी लाखों लोग बड़ी आसानी से मेट्रो की सेवा का आनंद ले पाते हैं।
एस्केलेटर पर कपड़ों का ख्याल
आप में से शायद बहुत कम महिलाएं यह जानती होंगी कि दिल्ली मेट्रो के एस्केलेटर में ‘साड़ी गार्ड’ विशेषता है। इसका मतलब की अगर आपके कपड़े एस्केलेटर में फंस जाते हैं, तो आप सीढ़ियों के आपातकाल बटन का इस्तेमाल कर के एस्केलेटर को रोक सकते हैं।
प्लेटफॉर्म्स पर नहीं होते कूड़ेदान
अगर आपने भी मेट्रो में सफर किया है तो आपने देखा होगा कि मेट्रो स्टेशन कही भी कूड़ेदान नहीं नजर आते। मेट्रो स्टेशन्स पर साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है। ज्यादातर स्टेशन पूरी तरह से साफ-सुथरे होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि मेट्रो प्लेटफॉर्म्स पर कही भी डस्टबिन नहीं रखे जाते, इसके बाद भी आपको प्लेटफॉर्म्स पूरी तरह साफ नजर आएंगे।
इवन संख्या में होते हैं कोच
अगर आप मेट्रो में रोजाना सफर करते हैं तो आपने यह नोटिस किया होगा की मेट्रो कोच की संख्या 5,7 या 9 नहीं होती है। ऐसे में हम आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो में कोच की संख्या हमेशा इवन 4, 6 या 8 रहती है।
मेट्रो पर सुनाई देने वाली आवाज
मेट्रो पर हर समय कई अनाउंसमेंट किए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो आवाज किसकी है, तो हम आपको बता दें कि मेट्रो में सुनाई देने वाली आवाज दूरदर्शन के फेमस रेडियो जॉकी की है। घोषणा में सुनाई देने वाली महिला का रिनी सिमोन है, वहीं पुरुष की आवाज शम्मी नारंग की है।
राजीव चौक स्टेशन
अगर आपको आज तक यह लगता है कि राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया है। तो हम आपको बता दें कि यह सच नहीं है क्योंकि राजीव चौक स्टेशन का नाम राजीव गोस्वामी के नाम पर पड़ा है। राजीव गोस्वामी मंडल की तरफ से लाए गाए आरक्षण के खिलाफ बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले छात्र थे।
इस लाइन पर होता है पानी का संरक्षण
बता दें कि मेट्रो सेवा यात्रियों को एक से दूसरी जगह पहुंचाने के साथ-साथ पानी को संरक्षित करने का काम भी करती है। जिसके लिए DMRC यानि दिल्ली मेट्रो ने ब्लू लाइन पर बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए बेहतरीन सिस्टम बनाया हुआ है।
टाइम से पहुंचाने का रिकॉर्ड
भारत में कई ट्रेनों का देर से पहुंचाने का अपना रिकॉर्ड रहा है, लेकिन दिल्ली मेट्रो 99.7% अपने निर्धारित समय पर ही होती है। जो कि अपने आप में ही एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है।
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