January 31, 2023

Momos: सावधान! कहीं जिंदगी भर की सजा ना बन जाए मोमोज का स्वाद, पढ़ें किन बीमारियों को दे रहे ओपन इनविटेशन

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Side Effects Of Momos: आजकल लोगों में बाहर के अनहेल्दी खाने को लेकर अलग ही क्रेज रहता है, खासकर की लड़कियों को मोमोज खाने का ज्यादा शौक है। तले हुए, भाप में पके हुए, कुरकुरे या तंदूरी हर तरह के मोमोज को लड़कियां बहुत ही चाव से खाती हैं।यही कारण है कि मोमोज आज सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड बन गया है। आपको ये हर गली कूचे में दिख जाएंगे। वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन ये दोनों ही तरह के होते हैं। इनमें कई तरह के अलग-अलग ऑप्शन होते हैं, मोमोज को टमाटर और तीखी लाल मिर्च से बने मसालेदार, सॉसी डिप के साथ परोसा जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मोमोज स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं और शरीर को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
मोमोज खाने के नुकसान
यहां कुछ कारण बताए गए हैं कि आपको मोमोज से परहेज क्यों करना चाहिए, खासतौर पर सड़क किनारे बिकने वाले मोमोज से जो स्वास्थ्य और स्वच्छता की ज्यादा परवाह नहीं करते हैं।
मैदा सेहत के लिए होता है हानिकारक
मैदा का इस्तेमाल कई व्यंजनों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये रिफाइंड आटे के साथ तीन मुख्य प्रॉब्लम्स होती हैं:
रिफाइंड आटे के सेवन से ब्लड शुगर और इंसुलिन बढ़ता है, जिससे मेटाबॉलिज्म डिसफंक्शन होता है।
रिफाइंड आटे में पोषक तत्वों की कमी होती है और इसमें हानिकारक एडिटिव्स होते हैं।
रिफाइंड आटा आपकी हेल्दी डाइट पर गहरा असर डालता है।
मोमोज के लिए आटा बनाने में रिफाइंड आटे का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है और इसकी हाई स्टार्च सामग्री में फाइबर की कमी होती है और इसका सेवन करने पर रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) में तेजी से वृद्धि होती है। रिफाइंड आटे के हाइपरग्लाइसेमिक और हाइपरिन्सुलिनमिक प्रभाव रक्त शर्करा के उतार-चढ़ाव का कारण बन सकते हैं, जो समय के साथ मधुमेह और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के जोखिम को काफी बढ़ा सकते हैं। मामले को बदतर बनाने के लिए, मैदा रिफाइनिंग प्रक्रिया के दौरान आहार में फाइबर, विटामिन बी और ई, लोहा, मैग्नीशियम, और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की हानि होती है। यह वजन बढ़ाने, मोटापा, उच्च रक्तचाप और कैंसर का खतरा भी बढ़ाता है।
मोमोज के अंदर डलने वाला मांस और सब्जियां होती हैं बेहद खतरनाक
चूंकि ज्यादातर मोमोज सड़क के किनारे कैफे और भोजनालयों से खाए जाते हैं, इसलिए इस्तेमाल की जाने वाली फिलिंग को आमतौर पर धोया नहीं जाता है, काटा नहीं जाता है या ठीक से इस्तेमाल नहीं किया जाता है। जिस कारण यूटीआई, पेट की गुहा के संक्रमण, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, उल्टी और यहां तक कि ऐंठन जैसे कई संक्रमण आपको घेर सकते हैं।
यहां तक कि पत्तागोभी और गाजर जैसी सब्जियां भी अगर न धोई जाएं तो पेट का फ्लू, दस्त आदि हो सकती हैं। पत्तागोभी को अगर ठीक से न पकाया जाए तो उसमें टेपवर्म के बीजाणु हो सकते हैं जो मस्तिष्क तक पहुंच कर आपके दिमाग को खोखला कर सकते हैं। जिससे जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।
लाल डिप हो सकता है खतरनाक
मोमोज के साथ मसालेदार लाल चटनी को ग्रिल्ड मिर्च और टमाटर के साथ बनाया जाता है। हालांकि, सड़क के किनारे खड़े ज्यादातर स्टॉल मिलावटी, पिसी हुई लाल मिर्च का उपयोग करते हैं जो बवासीर का कारण बनती है।
मोनोसोडियम ग्लूटामेट से होती हैं कई अन्य बीमारियां
कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मोमोज में मोनो-सोडियम ग्लूटामेट या एमएसजी होने की सबसे अधिक संभावना है। जो न केवल मोटापे की ओर ले जाता है, बल्कि तंत्रिका संबंधी विकार, पसीना, सीने में दर्द, मतली और धड़कन जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।
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