December 3, 2022

रोहतक PGI में पहली बार फेफड़ों के CANCER का सफल ऑपरेशन, आपको भी हैं ये लक्षण तो तुरंत जांच करवाएं

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हरिभूिम न्यूज : रोहतक

फेफड़ों के कैंसर को लेकर गंभीर और जागरूक नहीं हुए तो यह भयंकर रूप लेने वाला है। अचंभित करने वाली बात है कि पीजीआईएमस की हर ओपीडी में प्रतिदिन फेफड़ों के कैंसर के 10 मरीज आते हैं, जिसमें से 5 मरीज नए होते हैं। यह चिंताजनक है और इसका बड़ा कारण धूम्रपान है। पचास वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह समस्या ज्यादा पाई जा रही है। जागरूकता की कमी के कारण करीब 90 प्रतिशत मरीज अंतिम स्टेज में चिकित्सक के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक चाहकर भी मरीज की जान बचाने में असमर्थ हो जाते हैं। फेफडों का कैंसर साइलेंट किलर की तरह लोगों को चपेट में ले रहा है। लेकिन इसी बीच पीजीआईएमएस में पहली बार फेफड़ों के कैंसर के मरीज को डॉ. संजीव प्रसाद और डॉ. सुनील द्वारा किए गए आपरेशन के बाद अस्पताल में छुट्टी दी गई।
अत्याधुनिक फिश टेस्ट किया जा रहा
डॉ. ध्रुव चैधरी ने बताया कि पीजीआईएमएस के पैथोलोजी विभाग में प्रो. डॉ. मोनिका द्वारा अत्याधुनिक फिश टेस्ट किया जा रहा है जो कैंसर को प्रारंभिक अवस्था में पकड़ उसकी रिपोर्ट देने में वरदान से कम साबित नहीं होगा। थोड़ी सी आशंका होने पर मरीज का सीटी स्कैन करवाएं और लंग कैंसर को टीबी समझ कर इलाज ना करें। सरकार का प्रयास है कि संस्थान के जरिए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में फेफडों के कैंसर का इलाज शुरू हो सके, जिसके लिए वें चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेंगें। डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा अत्याधुनिक मशीनें संस्थान में उपलब्ध करवाई गई हैं। ऐसी मशीनें प्राइवेट अस्पतालों में भी नहीं हैं।
प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार ने लिखी किताब
पीजीआईएमएस के पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार सिंह ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ के चिकित्सक डॉ. नवनीत के साथ मिलकर फेफडों के कैंसर पर एक पुस्तक लिखी है। किताब लिखने का उद्देश्य फेफडों के कैंसर की बीमारी पर जागरूकता लाना है। रविवार को कुलपति डॉ. अनिता सक्सेना द्वारा इसका अनावरण किया जाएगा।
हर 3 मिनट में दो लोगों को हो रहा कैंसर
पूरे विश्व के आंकडों की बात करें तो हर 3 मिनट में 2 लोगों को कैंसर हो रहा है, वहीं 2 मिनट में एक व्यक्ति की कैंसर से मौत हो रही है। समय पर पहचान से मरीज की जान बचाई जा सकती है। जो किताब लिखी गई है, वो फेफड़ों के कैंसर को लेकर जागरूकता लाने में सहायक होगी। -डॉ. पवन कुमार सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसन, पीजीआईएमएस
ये लक्षण हैं तो तुरंत जांच करवाएं
यदि खांसी में खून आता हो, छाती में दर्द रहता हो, मुंह पर सूजन आ गई हो, आवाज बैठ गई हो, अंगूली के आगे वाले हिस्से पर सूजन हो, वजन कम हो गया हो, निमोनिया ठीक नहीं हो रहा हो आदि लक्षण फेफडों के कैंसर के हो सकते हैं। डॉ. पवन द्वारा विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चैधरी की देखरेख में सोमवार, मंगलवार व शनिवार को ओपीडी के पीसीसीएम क्लीनिक में फेफडों के मरीजों की जांच की जाती है।

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