December 6, 2022

गहलोत बोले- कई एक्सईएन-अफसर ठेकेदारों के पार्टनर बन जाते हैं, रिश्ते निभाते हैं, सड़कें छह महीने में टूट जाती है

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जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और अभियंताओं को खरी-खरी सुनाई। गहलोत ने कहा, आजकल कई एक्सईएन तो ठेकेदार के पार्टनर बन जाते हैं। समय के साथ बहुत बदलाव आया है, करप्शन बहुत बढ़ गया है।
कई एक्सईएन को मैं देखता हूं, वे ठेकेदारों के पार्टनर बन जाते हैं। ठेकेदार फिर क्वालिटी से समझौता करता है और बिजनेस पार्टनर से रिश्ते भी निभाता है। इस कारण सड़कों की क्वालिटी इतनी खराब बन जाती है कि छह महीने में ही टूट जाती है।
गहलोत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश में 3324 करोड़ की लागत की सड़कों, आरओबी व अन्य ब्रिज का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इस सिलसिले में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खराब सड़कों और क्वालिटी को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अफसरों की खिंचाई की।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, सब कुछ मंजूर है लेकिन सड़कों की क्वालिटी से समझौता मंजूर नहीं होगा। हम सड़कों को बनाने के बाद थर्ड पार्टी जांच भी करवा रहे हैं। सड़कों की क्वालिटी चीफ इंजीनियर पर निर्भर है। आप ठेकेदारों को दो टूक कह दीजिए कि क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। मैं दो टूक कहना चाहता हूं कि मैं नीचे वालों को जिम्मेदार नहीं मानूंगा, जिम्मेदारी चीफ इंजीनियर की है। जो गड़बड़ी करते हैं उन्हें आप एपीओ करें, खिंचाई करें , कुछ भी करें लेकिन सड़कों की क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
जोधपुर ही नहीं, सारे शहरों की सड़कों की बुरी हालत
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दोबारा जोधपुर की खराब सड़कों का जिक्र करते हुए कहा, मैं कल ही जोधपुर जाकर आया हूं। जोधपुर की पूरी सड़कें बर्बाद हो गई हैं। मुझे कहना पड़ा कि जिन अधिकारियों को यहां रहना है, उन्हें सड़कें ठीक करनी होंगी, रिपेयर करनी होंगी। यह बात खाली जोधपुर की नहीं है, यह हालत सब शहरों की बनी हुई है, गांवों की बनी हुई है। जो जिस पद पर बैठा है वह ईमानदारी से ड्यूटी निभा ले तो जनता की तकलीफ दूर हो जाएगी।
गुजरात से बेहतर है राजस्थान की सड़कें
गहलोत ने कहा कि राज्य में लगातार सड़कों का निर्माण और विकास हो रहा है। गत साढ़े 3 वर्षों में राज्य में 42,384 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों के विकास के लिए 25,395 करोड़ रुपए की लागत से 10,546 विकास कार्यों की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि आज राज्य की सड़कें गुणवत्ता की दृष्टि से पड़ोसी राज्य गुजरात से बेहतर स्थिति में हैं।
20 अक्टूबर तक ठीक कराएं सड़कें
मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को 20 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाकर सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में सड़कों की मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे तथा संसाधनों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
हाड़ौती के ये कार्य भी शामिल
शिलान्यास
लोकार्पण
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