December 6, 2022

5G नेटवर्क इंसानों के लिए होगा खतरनाक, WHO ने दिया चौंकाने वाला जवाब

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भारत में जल्द ही हाई स्पीड वाला 5जी नेटवर्क (High-speed 5G network) लॉन्च होने जा रहा है। 5जी लॉन्च (5G launch) को लेकर पूरा देश बेसब्री से इंतजार कर रहा है। रिलायंस जियो ने दिवाली तक देश के मेट्रो सिटीज में 5जी की सेवाएं (5G services) शुरु करने का ऐलान कर दिया है। 5जी के आने से पहले एक सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इंसानों के लिए 5जी नेटवर्क खतरनाक साबित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस सवाल का जवाब दिया है।
दरअसल, 5जी के साथ एक प्रकार की एनर्जी पैदा होती है, जिसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (electromagnetic radiation) कहा जाता है। 4जी के मुकाबले 5जी की फ्रीक्वेंसी (5g frequency) ज्यादा होगी। हाई फ्रीक्वेंसी के कारण रेडिएशन तेजी पकड़ लेता है। 5जी द्वारा उत्पादित इलेक्ट्रोमैगनेटिक फ्रीक्वेंसी से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनती है। कुछ लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड इंसानों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
‘5जी इंसानों के लिए हानिकारक होगा’, इस सवाल का जवाब विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से दिया गया है। WHO ने कहा कि 5जी नेटवर्क के लिए उपयोग में आने वाली फ्रीक्वेंसी पर ज्यादा रिसर्च नहीं की गई है। 5जी से आने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड का इंसानों के स्वास्थ्य पर पड़ने वालों प्रभावों पर अध्ययन नहीं किया गया है। इसको लेकर शोध किया जाना अभी बाकी है। ऐसे में 5जी इंसानों के लिए खतरनाक होगा, यह कहना सही नही है। अभी तक दुनिया में 5जी इंसानों के लिए खतरनाक नही हैं। इस तरह की घटनाएं भी सामने नही आई हैं। अभी तक 5जी के प्रभावों को लेकर जानवरों में ही रिसर्च की गई है। साल 2019 की एक रिसर्च में पाया गया कि मोबाइल के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड से चूहों में डीएनए डैमेज हुआ है।
(नोट- ऊपर की स्टोरी को रिपोर्ट्स और रिसर्च के आधार पर तैयार किया गया है। Haribhoomi.com इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है।)
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