December 8, 2022

दक्षिण अफ्रीका में लहराया परचम : अल्ट्रा मैराथन में पदक जीतने वाले पहले ऑफिसर बने कमांडेंट मुकेश

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महेश कुमार यादव : महेंद्रगढ़

महेंद्रगढ़ जिले के गांव बेरी निवासी एसएसबी के कमांडेंट मुकेश कुमार ने दक्षिण अफ्रीका के डरबन में 28 अगस्त को आयोजित हुई कामरेड़ अल्ट्रा मैराथन में राबर्ट मत्सली मेडल ( रजत व कांस्य के बीच का मेडल) जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। कमांडेंट मुकेश यादव अल्ट्रा मैराथन में पदक जीतने वाले देश के पहले आफिसर बने है।
अल्ट्रा कामरेड्स मैराथन पहली बार 1921 में आयोजित हुई थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी व सबसे पुरानी अल्ट्रा मैराथन दौड़ है। द्वितीय विश्व युद्ध व कोरोना महामारी के दौरान पांच वर्ष तक अल्ट्रा मैराथन आयोजित नहीं हो पाई। वर्ष 2020 में आयोजित हुए अल्ट्रा मैराथन में कमांडेट मुकेश यादव ने क्वालिफाई किया था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण अल्ट्रा मैराथन का आयोजन नहीं हो पाया। इसी वर्ष मार्च माह में जयपुर में आयोजित कामरेड्स अल्ट्रा मैराथन के क्वालिफाई में मुकेश यादव ने सराहनीय प्रदर्शन करते हुए अल्ट्रा मैराथन के लिए चयनित हुए। डरबन में आयोजित अल्ट्रा मैराथन में विश्व के 16 हजार टॉप धावकों ने हिस्सा लिया था। जिसमें भारत के विभिन्न हिस्सों से भी धावक शामिल हुए थे। 90 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन को मुकेश यादव ने 9 से 10 घंटे के बीच पूरी कर रॉबर्ट मत्सली मेड़ल ( रजत व कांस्य के बीच का मेडल) हासिल किया है। मुकेश अल्ट्रा मैराथन में पदक जीतने वाले देश के पहले आफिसर बने है।
मैराथन के बीच होती थी 6 उतार-चढ़ाव भरी पहाड़िया

कमांडेंट मुकेश यादव ने बताया कि 28 अगस्त को आयोजित हुई अल्ट्रा मैराथन दक्षिण अफ्रीका के डरबन से पीटरमैरिट्सबर्ग तक आयोजित हुई थी। अल्ट्रा मैराथन के बीच में 6 उतार-चढ़ाव भरी बड़ी-बड़ी पहाड़ियां तथा 20 छोटी पहाड़िया के बीच दौड़ना धावकों के लिए एक चुनौती होता है। 90 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन को 12 घंटे से पहले पूरी करनी होती है। अल्ट्रा मैराथन में पहले दस स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक, 6 घंटे में पहुंचने वाले को वैली हवर्ड मेड़ल, साढ़े सात घंटे में पहुंचने वाली महिलाओं को इसावेल रोश कैली मेडल, 6 से 7 घंटे में पूरी करने वाले को रजत पदक, साढ़े सात से 9 घंटे के बीच पूरी करने वाले को बिल रोवन पदक, 9 से 10 के बीच रॉबर्ट मत्सली मेडल, 10 से 11 घंटे के बीच कांस्य पदक तथा 11 से 12 घंटे के बीच अल्ट्रा मैराथन पूरी करने वाले को विक क्लैफम पदक दिया जाता है। कमाडेंट मुकेश यादव बताते है कि दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हुई अल्ट्रा मैराथन में दो लोगों की मौत भी हुई है तथा करीब 40 की स्थिति गंभीर है।
10 अल्ट्रा व एक स्काई अल्ट्रा मैराथन में ले चुके है हिस्सा
42 किलोमीटर से अधिक की प्रतियोगिता को अल्ट्रा मैराथन कहा जाता है। ऊंचाई पर आयोजित होने वाली मैराथन को स्काई मैराथन कहा जाता है।कमांडेंट मुकेश यादव 10 अल्ट्रा व एक स्काई अल्टा मैराथन में हिस्सा ले चुके है। मुकेश यादव ने बताया कि वर्ष 2019 में लद्दाख में आयोजित 18 हजार किलोमीटर स्काई मैराथन में भी हिस्सा ले चुके है। यह मैराथन 6 से 7 हजार की ऊंचाई पर आयोजित हुई थी। ऊंचाई अधिक होने के कारण वहां सांस लेना भी मुश्किल था।
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