September 30, 2022

डॉक्टर सुसाइड मामला, दौसा SP को हटाया, लालसोट डिप्टी APO-SHO सस्पेंड

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जयपुर। डिलीवरी के दौरान महिला की मौत पर FIR होने से परेशान महिला डॉक्टर अर्चना शर्मा के सुसाइड मामले में सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सीएम अशोक गहलोत ने को दौसा पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल को हटा दिया है। इसके साथ ही लालसोट पुलिस उपाधीक्षक शंकरलाल मीणा को एपीओ किया गया है। लालसोट थानाप्रभारी अंकित चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है। दौसा में आईपीएस राजकुमार गुप्ता को नया पुलिस अधीक्षक लगाया गया है। सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्देश दिए।
मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में कमेटी गठित
मुख्यमंत्री ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए कि इस घटना में महिला डॉक्टर को सुसाइड के लिए मजबूर करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने व आवश्यक सुझाव देने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा, पुलिस और विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही चिकित्सक शामिल होंगे।
राजकुमार गुप्ता को बनाया दौसा नया एसपी
सरकार ने ​​​​​धौलपुर एसपी शिवराज मीणा को एसपी सीआईडी मानवाधिकार जयपुर में लगाया गया है। दौसा एसपी अनिल कुमार को एसपी सिविल राइट्स में लगाया गया है। कार्मिक विभाग ने बुधवार देर रात आदेश जारी करते हुए डीसीपी क्राइम नारायण टोगस को धौलपुर एसपी बनाया गया है। राजकुमार गुप्ता को दौसा एसपी बनाया गया है।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
दौसा के लालसोट में महिला चिकित्सक आत्महत्या प्रकरण को राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी गंभीर मानते हुए विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से 5 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने प्रकरण की जांच वरिष्ठ अधिकारी से करवाकर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह रिपोर्ट 4 अप्रैल को पेश करनी होगी। आयोग ने घटना को निंदनीय और मानव अधिकारों का खुला हनन बताया है।
प्रसूता का ​पति बोला, मैने शिकायत नहीं लिखी
दौसा के लालसोट में डाॅ. अर्चना शर्मा की खुदकुशी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रसूता आशा बैरवा के पति लालूराम बैरवा ने कहा कि उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी। कुछ लोगों ने उनसे एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए थे लेकिन क्या लिखा था, यह नहीं पढ़ा। मुकदमे की प्रति भी उन्हें नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि मैं मजदूर हूं, शिकायत लिखना नहीं जानता, कुछ लोगों ने मुझसे साइन करवाए, मैं उन्हें नहीं जानता।
पूर्व सीएम राजे ने कहा- निष्पक्ष जांच होनी चाहिये
राजे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि पुलिस के भय से महिला चिकित्सक द्वारा आत्महत्या करने की घटना से मन बहुत आहत है। डॉ.अर्चना वही चिकित्सक है जिसने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए कोरोना काल में लोगों की जान बचाई। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिये।


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