October 3, 2022

Health Tips: खाने के बाद रहती है पेट में भारीपन की समस्या, किचन की ये चीजें दिलाएंगी आराम

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Health Tips: खाना खाने के बाद कुछ लोगों को पेट में भारीपन (Stomach Heaviness) की समस्या हो जाती है। ऐसे मे आपको लगता है कि आपने जरूरत से कुछ ज्यादा ही खा लिया है। अगर आप भी इस समस्या (Stomach Problems) का शिकार हैं तो इसका इलाज आपके किचन (Kitchen) में ही मौजूद है। अपनी इस स्टोरी में हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों (Home Remedies) के बारे में बताएंगे, जिन्हे फॉलो करके आप पेट में होने वाली भारीपन की समस्या दूर हो सकती है।

सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
एप्पल साइडर विनेगर या सेब का सिरका अपच के लिए सबसे प्रभावी इलाज में से एक है। सेब का सिरका मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम और अन्य खनिजों का एक उत्कृष्ट स्रोत है जो पाचन में मदद करते हैं। सिरके का नेचर एसिडिक होता है जो फैट को ब्रेक करने का काम करता है, एसिड रिफ्लेक्स को रोकता है। सेब के सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड अपने एल्कलाइन आधारित पाचन गुणों के कारण अपच को ठीक करने में मदद करता है। आप सेब के सिरके का सेवन पानी या शहद के साथ कर सकते हैं।
अदरक (Ginger)
अदरक लंबे समय से अपच के इलाज के साथ जुड़ा हुआ है और भारतीय घरों में एक लोकप्रिय सामग्री है। इसमें जिंजरोल सहित एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो अपच और मतली से राहत के लिए जाने जाते हैं। माना जाता है कि इसके फेनोलिक कंपाउंड गैस्ट्रिक संकुचन को कम करते हैं और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जलन से राहत देते हैं। यह इंफ्लेमेश को कम करने के लिए भी जाना जाता है।
सौंफ और मिश्री (Saunf aur Mishri)
कहते हैं कि रोजाना खाने के बाद सौंफ और मिश्री का सेवन करने से पेट में भारीपन की समस्या खत्म हो जाती है। सौंफ में फेनचोन और एस्ट्रैगोल सहित कुछ तेल के कंपाउंड होते हैं जो आंतों के मार्ग से गैस को रोकने या हटाने का काम करते हैं। ये वोलेटाइल ऑयल गैस्ट्रिक जूस के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया सुचारू होती है। इसमें एंटीस्पास्मोडिक गुण भी होते हैं जो मांसपेशियों की कोशिकाओं को आराम देने में मदद करते हैं जो श्वसन प्रणाली, पेट और आंतों को लाइन करते हैं। आप सौंफ की चाय पी सकते हैं या पानी के साथ बीज का सेवन भी कर सकते हैं।
अजवाइन (Carom Seeds)
अजवाइन अपच, एसिडिटी, पेट फूलना, आदि सहित विभिन्न पाचन विकारों को ठीक करने के लिए जाना जाता है। अजवाइन में सक्रिय एंजाइम गैस्ट्रिक जूस को सुगम बनाकर पाचन तंत्र को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। लगभग एक हफ्ते तक अजवाइन को पानी के साथ लें और आपको फर्क नजर आने लगेगा। आप पानी के साथ अजवाइन पाउडर का भी सेवन कर सकते हैं जो आम तौर पर गैस्ट्रिक समस्याओं से राहत के लिए किया जाता है।
इलायची (Green Cardamom)
इलायची का उपयोग हजारों वर्षों से पाचन में मदद करने के लिए किया जाता रहा है। बेचैनी, मतली और उल्टी से राहत पाने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप पेट में भारीपन की समस्या से परेशान रहते हैं, तो हर दिन खाने के बाद चबाकर इसका सेवन करें आपको अवश्य लाभ होगा।
जीरा (Cumin Seed)
जीरा एक बेहतरीन एसिड न्यूट्रलाइजर के रूप में काम करता है, पाचन में सहायता करता है और पेट दर्द से राहत देता है। आप खाने के बाद जीरे को चबाकर पेट की कई समस्याओं से राहत पा सकते हैं। लेकिन इसका स्वाद काफी तेज होता है, अगर आप इसका स्वाद बर्दाश्त नहीं कर सकते तो आप इसका सेवन पाउडर बनाकर या फिर जीरा पानी बना कर पी सकते हैं।
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