January 27, 2023

आयुर्वेद का खजाना… कहीं बन जाए आपकी बीमारियों की वजह, जानें असली और नकली च्यवनप्राश में फर्क

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How To Identify Real Or Fake Chyawanprash: सर्दियों के मौसम (Winter Season) में कई बीमारियों से निजात पाने के लिए च्यवनप्राश का इस्तेमाल किया जाता है। इससे आपकी इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर शरीर में गर्मी देने तक हर समस्या के समाधान में लाभप्रद है। आयुर्वेद में भी च्यवनप्राश का बहुत बड़ा महत्व होता है। कई जड़ी-बूटियों को मिलाकर च्यवनप्राश को बनाते हैं, यही वजह है कि इसे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही बेहतरीन माना जाता है। हालांकि मिलावट के जमाने में च्यवनप्राश की सर्दी-जुकाम, फ्लू और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों से हम सभी को बचाने की क्षमता में कमी कर दी गई है। नकली च्यवनप्राश का सेवन करने से लोगों का स्वास्थ्य खराब होता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि असली और नकली च्यवनप्राश के बीच पहचान कैसे करें। तो चलिए देखते हैं कि आप असली और नकली च्यवनप्राश की पहचान कैसे कर सकते हैं।
च्यवनप्राश क्या होता है?
40 से 50 तरह की जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनाई गई एक आयुर्वेदिक औषधी च्यवनप्राश होती है। इसमें आंवले का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है। सभी चीजों को पकाने के बाद उसमें चीनी या शहद मिलाकर एक पेस्ट तैयार किया जाता है। इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई खा सकता है। इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं, लेकिन यह भी सच है कि जितना फायदा च्यवनप्राश खाने से होता है, उतना ही नुकसान नकली च्यवनप्राश खाने से होता है। इसलिए असली-नकली के बीच का फर्क समझना बहुत ज्यादा जरूरी है।
ऐसे करें असली च्यवनप्राश की पहचान:-
च्यवनप्राश असली है या नकली पता करने के लिए आपको च्यवनप्राश को टेस्ट करना होगा। अगर आपको उसका स्वाद मीठा लगे तो समझ जाइये कि इसमें चीनी मिली है।
च्यवनप्राश की शुद्धता जांचने के लिए आप इसे पानी या दूध में डालकर देखें। अगर ये पानी या दूध में घुल जाए तो इसका मतलब ये है कि च्यवनप्राश नकली है।
च्यवनप्राश चेक करने के लिए आप इसे सूंघ कर देख सकते हैं। अगर आपका च्यवनप्राश असली है, तो उसमें से हमेशा ही दालचीनी, इलायची और पिप्पली की तेज खुशबू आएगी।
च्यवनप्राश खाने के कितने फायदे होते हैं?
च्यवनप्राश खाने के नुकसान?
जैसा की हमने आपको बताया कि च्यवनप्राश एक आयुर्वेदिक औषधी है, जिसे खाना सेहत के लिए बहुत ही अच्छा होता है। अगर च्यवनप्राश को जरूरत से ज्यादा खा लिया जाए, तो लूज मोशन की समस्या भी पैदा हो सकती है। इसके साथ ही अपच, पेट फूलना, पेट पर सूजन, स्किन एलर्जी, स्किन पर लाल निशान और रैशेज भी हो सकते हैं। अगर बात करें कि च्यवनप्राश खाने का सही समय कौन सा होता है, तो सुबह खाली पेट च्यवनप्राश खाना सबसे अच्छा समय होता है। खासतौर पर सर्दियों के मौसम में यह ज्यादा फायदेमंद होता है। आप चाहें तो इसे सुबह-शाम खा सकते हैं, लेकिन रात में इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इससे पेट की कई समस्याएं हो सकती हैं।
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